West Bengal Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की जाँच के लिए एक खास जाँच टीम (SIT) बनाई है। इस टीम का काम घटना की गहराई से पड़ताल करना और जिम्मेदार लोगों को पकड़ना होगा।
हालांकि, विपक्षी नेताओं ने ममता पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ने शुरू में हिंसा को नज़रअंदाज़ किया। विपक्ष का कहना है कि अब SIT बनाना सिर्फ दिखावा है।
मुर्शिदाबाद में शांति! हिंसा से भागे लोगों की घर वापसी, सुरक्षा बलों की मदद से नाव से नदी पार।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून में बदलाव को लेकर हुई हिंसा के बाद घर छोड़कर भागे लोग अब वापस लौट रहे हैं। ये लोग धुलियान इलाके से मालदा के राहत शिविर में शरण लेने गए थे। रविवार को इन्हें भारी पुलिस बल की सुरक्षा में वापस लाया गया।
कैसे लौटे लोग?
- लोगों को नावों में बैठाकर भागीरथी नदी पार कराया गया।
- वीडियो में दिखा कि सुरक्षाकर्मी हर कदम पर लोगों की मदद कर रहे थे।
प्रशासन की बात:
- जंगीपुर के पुलिस अधीक्षक आनंद रॉय ने कहा – “50 लोगों को छोड़कर बाकी सभी सुरक्षित घर पहुंच गए हैं। हालात पूरी तरह शांत हैं।”
- उन्होंने यह भी बताया कि शेष लोगों को जल्द वापस लाने की तैयारी है।
लोगों की प्रतिक्रिया:
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एक शिविर से लौटी महिला ने कहा – “डर के कारण घर छोड़ा था, लेकिन पुलिस की सुरक्षा में वापसी आसान हुई।”
मुर्शिदाबाद हिंसा पर पुलिस की कार्रवाई! 292 आरोपी गिरफ्तार, 153 मामले दर्ज।
मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – “हमने घटना के पहले दिन से ही गिरफ्तारियां शुरू कर दी थीं। कल हमने दो और लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें एक पर हत्या का और दूसरे पर दंगा फैलाने का आरोप है। अब तक इस मामले में 153 केस दर्ज किए गए हैं और 292 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।”
पुलिस की तरफ से कहा गया है सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई जारी है। हालात पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
मुर्शिदाबाद में शांति! नेताओं ने क्या कहा? ‘लोग खुद लौट रहे हैं’, विधायक ने दिया ये बयान।
- सांसद खलीलुर रहमान ने कहा –
“धुलियान से भागे हुए लोग अब खुद ही घर वापस आ रहे हैं। यहां का माहौल पूरी तरह शांत है। हम चाहते हैं कि यही हालात बने रहें।” - विधायक अमीरुल इस्लाम ने दावा किया –
“लोगों को किसी ने वापस नहीं भेजा। वे अपनी मर्जी से धुलियान लौट आए हैं।”