Delhi Heavy Rain-Waterlogging & Traffic Jam: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई तेज बारिश और आंधी ने राजधानी की रफ्तार को थाम दिया। लगातार हुई भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जिनमें कई को डायवर्ट या देरी से रवाना किया गया। महिपालपुर, आईटीओ, द्वारका और गुड़गांव के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
दिल्ली में बारिश-आंधी से सड़कों पर भीषण जाम, राजधानी की रफ्तार थमी
नई दिल्ली, 8 अक्तूबर 2025 — सोमवार, 7 अक्तूबर की शाम को दिल्ली और एनसीआर में हुई तेज बारिश व आंधी ने राजधानी की रफ्तार पूरी तरह रोक दी। कुछ ही घंटों की बारिश ने सड़कों को तालाब में बदल दिया और लोगों को घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसा दिया।
मौसम की अचानक करवट: पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से हुई। शाम को अचानक आई बारिश और तेज हवा ने लोगों को तैयार होने का मौका नहीं दिया।
कई इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे रातभर तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक रह सकता है।
8 अक्तूबर की सुबह भी आसमान में घने बादल छाए रहे और मौसम विभाग के अनुसार, आज भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
सड़कों पर अफरा-तफरी: जाम और जलभराव से जूझी दिल्ली
तेज बारिश के कुछ ही मिनटों में दिल्ली की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव ने ट्रैफिक को पूरी तरह ठप कर दिया और हजारों वाहन सड़कों पर रेंगते रहे।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र:
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महिपालपुर, NH-44 और द्वारका मार्ग पर भीषण जाम लगा रहा।
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अक्षरधाम, मथुरा रोड और आईटीओ क्षेत्र में पानी भरने से वाहन फंसे रहे।
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नार्थ-साउथ एक्सप्रेसवे, पुरानी दिल्ली और रिंग रोड पर घंटों तक गाड़ियों की कतारें लगी रहीं।
कई अंडरपासों में इतना पानी भर गया कि उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के बाद घर लौटने में सामान्य समय से तीन गुना ज्यादा वक्त लगा।
इंडियन एक्सप्रेस अपार्टमेंट, मयूर कुंज के निवासी श्री विवेक ने बताया —
“आज जाम और जलभराव के कारण ऑफिस से घर आने में 40 मिनट से ज्यादा समय लग गया। रोज़ाना का 20 मिनट का सफर आज दोगुना हो गया।”
हवाई यातायात पर असर
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर भी मौसम का गहरा असर पड़ा। दृश्यता कम होने के कारण लगभग 15 विमानों को डायवर्ट करना पड़ा।
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8 उड़ानें जयपुर, 5 लखनऊ, और 2 चंडीगढ़ भेजी गईं।
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कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घंटों देरी से रवाना हुईं।
एयरलाइनों ने यात्रियों को सलाह दी है कि उड़ान से पहले मौसम और उड़ान की स्थिति जांच लें।
सोशल मीडिया पर उभरी नाराजगी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लोगों ने दिल्ली की सड़क स्थिति को लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की।
एक यूज़र ने लिखा —
“CP से द्वारका तक पहुंचने में ढाई घंटे लग गए। हर जगह पानी, न ट्रैफिक पुलिस न कोई राहत दल।”
कई लोगों ने वीडियो और तस्वीरें साझा कीं, जिनमें जलमग्न सड़कें, फंसे वाहन और परेशान यात्री नजर आए।
जाम और जलभराव के पीछे की वजहें
बारिश से पैदा हुई इस स्थिति के पीछे कई पुराने कारण एक बार फिर सामने आए —
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जर्जर नाली व्यवस्था: अधिकांश इलाकों की नालियाँ या तो जाम हैं या टूटी हुई, जिससे पानी निकल नहीं पाता।
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अंडरपास की संरचनात्मक खामियाँ: निचले इलाकों के अंडरपास हर साल की तरह पानी से भर जाते हैं।
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वाहनों का बढ़ता दबाव: लगातार बढ़ती आबादी और वाहन संख्या के कारण ट्रैफिक नियंत्रण मुश्किल हो जाता है।
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प्रशासनिक तैयारी की कमी: IMD की चेतावनी के बावजूद समय रहते पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को संबंधित विभागों को स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
PWD, NDMC और यातायात पुलिस को उन क्षेत्रों की सूची सौंपी गई है जहाँ जलभराव की स्थिति गंभीर रही।
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में ड्रेन रिमॉडलिंग और वाटर पंप सिस्टम को जल्द मजबूत किया जाएगा। वहीं, यातायात पुलिस ने कहा कि स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम और वैकल्पिक रूट प्लानिंग पर कार्य जारी है।
क्या हो सकते हैं स्थायी समाधान?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में हर साल दोहराई जाने वाली यह स्थिति केवल बारिश का परिणाम नहीं, बल्कि असंतुलित शहरी ढांचे का नतीजा है।
संभावित उपायों में शामिल हैं —
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वर्षा से पहले नालियों की नियमित सफाई और निगरानी।
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अंडरपास डिज़ाइन में सुधार ताकि पानी जमा न हो।
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आपातकालीन पंपिंग सिस्टम हर संवेदनशील क्षेत्र में लगाना।
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स्मार्ट सिटी तकनीक से ट्रैफिक और मौसम अलर्ट को जोड़ना।
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जन-जागरूकता अभियान, जिससे नागरिक भी सतर्क रहें और सड़कों पर अवरोध न बनें।
निष्कर्ष
7 अक्टूबर की बारिश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दिल्ली जैसे आधुनिक शहर में भी कुछ घंटों की बरसात जनजीवन को ठप कर सकती है।
बारिश सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि शहर की अवसंरचना की परीक्षा भी है।
जब तक निकासी व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपात प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत नहीं किया जाता — तब तक हर बारिश में दिल्ली ऐसे ही जाम में फँसती रहेगी।