America Tariff On China: “दोस्तों, अमेरिका और चीन के बीच तलवारें तन गई हैं! अमेरिका लगातार आक्रामक रुख अपना रहा है, तो चीन भी पीछे हटने को तैयार नहीं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है, जिससे दुनिया के बाज़ारों में खलबली मची हुई है। शेयर बाज़ार से लेकर क्रिप्टो करेंसी तक, हर जगह अस्थिरता दिख रही है।
क्या है मुद्दा?
- अमेरिका चीन पर ‘अनफेयर ट्रेड’ (अनुचित व्यापार) का आरोप लगा रहा है।
- ट्रंप की नई टैरिफ योजना से चीन का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
- दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर को लेकर भी टकराव बढ़ा है।
दुनिया पर असर:
इस तनाव का असर भारत समेत अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने, निर्यात-आयात महंगा होने और करेंसी के उतार-चढ़ाव से आम लोगों तक की जेब पर दबाव बन सकता है।
अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर में बड़ा धमाका! चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर 104% टैक्स लगाने का ऐलान।
“दोस्तों, अमेरिका ने चीन के साथ चल रही ट्रेड वॉर में एक बड़ा ऐक्शन लिया है। वाइट हाउस ने ऐलान किया कि चीन की इलेक्ट्रिक कारों और दूसरे सामानों पर 104% का अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा। यह टैक्स 9 अप्रैल की आधी रात से लागू हो गया है। अमेरिका का कहना है कि चीन ने अपने जवाबी टैक्स (प्रतिशोधी टैरिफ) नहीं हटाए, इसलिए यह कदम उठाया गया। यह टैक्स सबसे पहले चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगेगा, जिससे उनकी कीमत अमेरिकी बाज़ार में दोगुनी हो सकती है! यह ट्रेड वॉर में अमेरिका का अब तक का सबसे आक्रामक फैसला माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा। भारत समेत दूसरे देशों के बाज़ारों में भी अस्थिरता आ सकती है। शेयर बाज़ार और क्रिप्टो करेंसी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर में बवाल! ट्रंप का 50% टैक्स वाला ‘अल्टीमेटम’ और चीन का जवाबी ऐक्शन।
दोस्तों, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अब पूरी तरह आग बन चुकी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चीन को एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर चीन 8 अप्रैल तक अमेरिकी सामानों पर लगाए गए अपने 34% जवाबी टैक्स नहीं हटाता है, तो अमेरिका चीनी सामान पर 50% का भारी टैक्स लगा देगा। लेकिन चीन इस धमकी के आगे झुकने वाला नहीं था। उसने साफ कह दिया कि वह अमेरिका से लड़ाई लड़ेगा और ट्रंप के इस कदम को नजरअंदाज कर दिया। इसके जवाब में वाइट हाउस ने चीन पर नए टैक्स लगाने का ऐलान कर दिया, जो 9 अप्रैल की आधी रात से लागू हो गया।
यह टकराव तब और बढ़ गया जब चीन ने पहले ही अमेरिकी उत्पादों पर अपने टैक्स बढ़ा दिए थे। ट्रंप ने इसे ‘अनफेयर ट्रेड’ बताया और चीन को सबक सिखाने के लिए यह आक्रामक कदम उठाया। अब दोनों देशों के बीच इलेक्ट्रिक कारों, स्टील और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों में यह जंग और तेज हो गई है। इसका असर सिर्फ अमेरिका-चीन तक नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और करेंसी के घटने-बढ़ने से आम लोगों की जेब पर भी दबाव बन सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह ट्रेड वॉर आगे किस रुख में मुड़ेगी।
अमेरिका ने चीन पर गिराया ‘टैरिफ बम’! चीनी सामानों पर 104% टैक्स से ट्रेड वॉर में भड़की आग।
दोस्तों, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अब जंग का रूप ले चुकी है। डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से घोषित 50% के नए टैरिफ के बाद चीनी सामानों पर अमेरिका में कुल टैक्स 104% तक पहुंच गया है। दरअसल, इससे पहले ही अमेरिका ने चीन पर 34% का जवाबी टैक्स लगाया था, जो 2 अप्रैल से लागू था। इसके अलावा, इसी साल की शुरुआत में चीनी सामान पर 20% अतिरिक्त टैक्स और जोड़ा गया था। अब जब 9 अप्रैल से यह नया 50% टैक्स लग गया है, तो चीन को अमेरिका में अपना माल बेचने के लिए कुल 104% का भारी शुल्क चुकाना पड़ेगा।
यानी, अगर चीन की कोई कंपनी अमेरिका में 100 रुपए का सामान बेचेगी, तो उसे 204 रुपए टैक्स में देना होगा! इसका मतलब साफ है कि चीनी सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे और उनकी बिक्री पर भारी असर पड़ेगा। चीन ने इस कदम को ‘अनुचित’ बताया है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि यह चीन के ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज’ का जवाब है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, खासकर भारत जैसे देशों के निर्यात-आयात और शेयर बाजारों पर।
अमेरिका-चीन व्यापार जंग: ट्रंप की ‘फेयर ट्रेड’ की जिद से बिगड़े रिश्ते!
दोस्तों, अमेरिका की ट्रंप सरकार का कहना है कि वे अपने देश के व्यापार को ‘निष्पक्ष’ बनाने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए ये सख्त कदम उठा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि दुनिया के देशों ने, खासकर चीन ने, व्यापार के मामले में अमेरिका के साथ बेईमानी की है। ट्रंप चीन से लगातार अपनी टैक्स और व्यापार नीतियाँ बदलने की माँग कर रहे हैं, लेकिन चीन इस पर झुकने को तैयार नहीं। इसी जिद के चलते दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं।
ट्रंप का मानना है कि चीन जैसे देश ‘सस्ते माल का डंपिंग’ करके अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, इसलिए उन्होंने चीनी सामानों पर भारी टैक्स लगाकर जवाब दिया है। हालाँकि, यह टकराव अब इतना बढ़ गया है कि दुनिया की बाकी अर्थव्यवस्थाएँ भी इसकी चपेट में आने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो आम लोगों तक चीजों की कीमतों और नौकरियों पर भी असर पड़ सकता है।