Bhiwani Teacher Manisha Murder Case: हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय प्ले स्कूल टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 11 अगस्त को लापता हुई मनीषा का शव 13 अगस्त को एक खेत में लहूलुहान हालत में मिला था। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि परिवार और ग्रामीणों ने हत्या और संभावित बलात्कार का आरोप लगाया। तीन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स के बावजूद मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिससे विवाद बढ़ा। अब हरियाणा सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है, जो इस रहस्य से पर्दा उठाने का प्रयास करेगी। यह लेख आधिकारिक रिपोर्ट्स, पोस्टमॉर्टम निष्कर्षों और घटनाक्रम के आधार पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
घटना का परिचय
मनीषा, उम्र 18-19 वर्ष, भिवानी जिले के लोहारू कस्बे के ढाणी लक्ष्मण गांव की निवासी थीं। वह एक प्ले स्कूल में टीचर के रूप में काम करती थीं और नर्सिंग कोर्स में दाखिले की योजना बना रही थीं। परिवार के अनुसार, मनीषा खुशमिजाज और महत्वाकांक्षी थी, जो आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। मौत के बाद मिले शव की हालत—चेहरा एसिड से जला हुआ, आंखें गायब, सलवार फटी हुई, नाड़ा खुला और संघर्ष के निशान—ने हत्या की आशंका को मजबूत किया। पुलिस ने सुसाइड नोट और जहर की थ्योरी पर जोर दिया, लेकिन परिवार ने इसे साजिश करार दिया। मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मचा दी, जिसमें किसान नेता, महिला आयोग और विपक्षी पार्टियां शामिल हुईं।
समयरेखा: घटनाक्रम की पूरी डिटेल
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11 अगस्त 2025: मनीषा घर से स्कूल के लिए निकलीं। स्कूल के बाद वह एक नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गईं, उसके बाद लापता हो गईं। परिवार ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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13 अगस्त 2025: सिंघानी गांव के पास बाजरे के खेत में मनीषा का शव मिला। शव लहूलुहान था, चेहरा जला हुआ लग रहा था, आंखें नहीं थीं, और कपड़ों में मिट्टी भरी हुई थी। पुलिस ने मौके से आधार कार्ड, दस्तावेज और एक कथित सुसाइड नोट बरामद किया।
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13-14 अगस्त: भिवानी अस्पताल में पहला पोस्टमॉर्टम। परिवार ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए और शव लेने से इनकार कर दिया।
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15 अगस्त: मामले में लापरवाही के लिए भिवानी एसपी वरुण सिंगला को हटाया गया और लोहारू थाने के 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।
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18 अगस्त: रोहतक PGIMS में दूसरा पोस्टमॉर्टम। पुलिस ने आत्महत्या का दावा किया।
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19-20 अगस्त: ग्रामीणों ने सड़क जाम और धरना शुरू किया। इंटरनेट और SMS सेवाएं 48 घंटे के लिए बंद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने CBI जांच का ऐलान किया।
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21 अगस्त: दिल्ली AIIMS में तीसरा पोस्टमॉर्टम। उसके बाद गांव में अंतिम संस्कार, छोटे भाई नितेश ने चिता को आग दी। हजारों लोग शामिल हुए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स: तीन रिपोर्ट्स, तीन नतीजे
मनीषा की मौत पर तीन पोस्टमॉर्टम हुए, जिनमें विरोधाभास ने रहस्य को और गहरा किया:
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पोस्टमॉर्टम |
जगह |
मुख्य निष्कर्ष |
विवादास्पद बिंदु |
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पहला |
भिवानी अस्पताल |
गर्दन पर 29 एमएम लंबा घाव, तेजधार हथियार से चोट की आशंका। संघर्ष के निशान, सलवार फटी, नाड़ा खुला। |
हत्या की संभावना, लेकिन पुलिस ने इसे जानवरों के काटने से जोड़ा। |
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दूसरा |
PGIMS रोहतक |
पेट में कीटनाशक (जहर) मिला, मौत का कारण जहर। कोई बलात्कार नहीं, घुटनों पर छोटे निशान, गर्दन पर जानवरों के काटने के निशान। |
विसरा सैंपल में अंगों का जिक्र गायब, शव के पास जहर की शीशी नहीं मिली। |
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तीसरा |
AIIMS दिल्ली |
जहर से मौत की पुष्टि, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट प्रतीक्षित। |
परिवार अभी भी हत्या मानता है, एसिड से जले चेहरे और गायब आंखों पर सवाल। |
ये रिपोर्ट्स हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही हैं। पुलिस का कहना है कि मनीषा ने जहर खाया, उसके बाद जानवरों ने शव को नोंचा। लेकिन शव की हालत (गीली मिट्टी पर पंजों के निशान न होना, कपड़ों में मिट्टी) ने सवाल खड़े किए।
परिवार के आरोप और पुलिस के दावे
परिवार, विशेष रूप से पिता संजय, ने आत्महत्या की थ्योरी को खारिज किया। उनका कहना है कि मनीषा खुश थी और नर्सिंग में करियर बनाने की योजना बना रही थी। वे हत्या, संभावित बलात्कार और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हैं। सुसाइड नोट को फर्जी बताया गया। वहीं, पुलिस ने व्हाट्सऐप चैट्स का जिक्र किया, जिसमें मनीषा रात 2 बजे किसी से बात कर रही थी, लेकिन विवरण नहीं दिए। परिवार ने न्याय के लिए शव का अंतिम संस्कार रोक दिया था।
विरोध प्रदर्शन और सामाजिक प्रभाव
मौत के बाद गांव में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। ग्रामीणों ने सड़क जाम की, पंचायतें बुलाईं और CBI जांच की मांग की। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने समर्थन दिया, जबकि हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने परिवार का साथ दिया। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। तनाव के चलते प्रशासन ने इंटरनेट बंद किया और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की। प्रदर्शन 20 अगस्त को CBI जांच के ऐलान के बाद समाप्त हुए।
सरकार का जवाब और CBI की भूमिका
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 अगस्त को CBI जांच का ऐलान किया, कहा कि निष्पक्ष जांच होगी। SP हटाया गया, पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए। CBI अब मौत के कारण, सुसाइड नोट की सत्यता और संभावित साजिश की जांच करेगी। परिवार संतुष्ट है, लेकिन सच्चाई सामने आने तक इंतजार है।
वर्तमान स्थिति और आगे की संभावनाएं
मनीषा का अंतिम संस्कार 21 अगस्त को हो चुका है। CBI जांच शुरू होने वाली है, जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स, गवाहों और डिजिटल सबूतों (जैसे व्हाट्सऐप चैट्स) की जांच करेगी। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अगर हत्या साबित हुई, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। परिवार न्याय की उम्मीद में है, जबकि राज्य में ऐसे मामलों पर बहस जारी है। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों का पालन करें।