Faith Under Attack In Delhi: कांवड़ मार्ग पर फैले शीशे के टुकड़े, हादसा या शरारत? पुलिस हिरासत में ई-रिक्शा चालक

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Faith Under Attack In Delhi:  राजधानी दिल्ली के शाहदरा इलाके में कांवड़ यात्रा मार्ग पर कांच के टुकड़े बिखरे मिलने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर यात्रा कर रहे हैं। यह कांवड़ यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और अनुशासन का भी एक बड़ा उदाहरण मानी जाती है। ऐसे में कांवड़ियों की यात्रा में बाधा डालने की कोशिश न सिर्फ समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को भी चोट पहुँचाने वाली है।

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नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025 कांवड़ यात्रा मार्ग पर टूटे हुए कांच के कई टुकड़े बिखरे हुए देखे  क्या है मामला?

दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में बीते शनिवार को स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर टूटे हुए कांच के कई टुकड़े बिखरे हुए देखे। ये टुकड़े मुख्य रूप से उस रास्ते पर थे, जहां से हजारों कांवड़िए नंगे पांव गुजरते हैं।

इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आया और क्षेत्र की सफाई करवाई गई। साथ ही मामले की जांच के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को संदेह है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य हो सकता है, जिससे कांवड़ यात्रा को बाधित किया जा सके या श्रद्धालुओं को चोट पहुंचे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सख्त चेतावनी

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट कहा कि,

“कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। इसमें किसी भी प्रकार की बाधा, साजिश या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी इस घटना के पीछे जिम्मेदार है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के मार्गों की नियमित निगरानी की जाए, ड्रोन और सीसीटीवी की मदद से निगरानी प्रणाली मजबूत की जाए और ऐसे किसी भी प्रयास को जड़ से समाप्त किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारियां

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा सहित सभी संवेदनशील कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। पैदल गश्त, मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग, और निगरानी ड्रोन की मदद से सुरक्षा का घेरा मजबूत किया जा रहा है।

शाहदरा DCP ने बताया कि,

“यह घटना गंभीर है और हम इसे सिर्फ एक लापरवाही नहीं मानते। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और इलाके के संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है।”

इसके अतिरिक्त MCD और सफाई विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि कांवड़ मार्गों की दिन में कई बार सफाई की जाए और कोई भी नुकीली या खतरनाक वस्तु पाई जाए तो उसे तुरंत हटाया जाए।

कांवड़ियों की प्रतिक्रिया

कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे श्रद्धालुओं ने भी इस घटना पर नाराज़गी व्यक्त की है। मेरठ से आए एक कांवड़िए ने कहा,

“हम नंगे पांव भगवान शिव के लिए गंगाजल लाते हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ हमारी आस्था को चोट पहुँचाती हैं, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश लगती है।”

हालांकि, सरकार की तत्परता और मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है और प्रशासन पर विश्वास जताया है।

सामाजिक संगठनों की अपील

दिल्ली के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए आम जनता से अपील की है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। शिवसेना, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े कई स्वयंसेवक इस समय मार्गों पर सेवा में जुटे हुए हैं।

टक्कर के बाद टूट गए कांच के पैनल

दरअसल, इस ई-रिक्शा में कांच के पैनल रखे हुए थे, जो कांवड़ मार्ग पर ही टूट कर बिखर गए. इससे रास्ते भर में कांच के टुकड़े फैल गए. पुलिस ने जानकारी दी कि ई-रिक्शा में 19 ग्लास पैनल लदे हुए थे. चालक इन्हें उत्तर प्रदेश के शालीमार गार्डन से दिल्ली के सीलमपुर लेकर जा रहा था. इस दौरान उसे किसी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे पैनल टूटकर चिंतामणि चौक और झिलमिल मेट्रो स्टेशन के बीच सड़क पर गिर गए.

एसडीएम ने शेयर किया था वीडियो
ई-रिक्शा का ड्राइवर कुसुम पाल गाजियाबाद का रहने वाला है और उसे पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है. उसके रूट की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

निष्कर्ष

कांवड़ यात्रा में बाधा डालने की यह कोशिश निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सक्रियता और सख्त चेतावनी से यह स्पष्ट हो गया है कि आस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन, पुलिस और जनता को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्वक और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो और कोई भी तत्व समाज के सौहार्द को बिगाड़ने में सफल न हो सके।

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