Galiyon Ki Queen Instagram: फॉलोअर्स के लालच में गालियां और अश्लीलता परोसने वाली Mehakpari143 और उसके साथियों की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप।
संभल (उत्तर प्रदेश) से बड़ी खबर – Instagram पर ‘Mehakpari143’ नाम से फेमस होने वाली महक और उसकी ‘परियों’ की दुनिया का पर्दाफाश हो गया है! सोशल मीडिया की ये ‘हॉट गैंग’ अब सीधे पहुंच गई है थाने की चारदीवारी के पीछे! संभल की पुलिस ने मंगलवार को एक धमाकेदार रेड मारी और अश्लीलता की दुकान चला रहीं महक, परी और उनकी सहयोगी हिना को हिरासत में ले लिया। साथ ही, इनका वीडियो एडिटर जर्रार आलम भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है, जो इनके ‘गंदे वीडियो’ को सोशल मीडिया पर चकाचक एडिट करके वायरल करने में मदद करता था। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने के गंभीर आरोपों के चलते एक चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ‘Mehakpari143’ यानी महक, उसकी साथी परी, वीडियो मेकर हिना, और एडिटर जर्रार आलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को संभल पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर की गई, जिसने सोशल मीडिया की आभासी दुनिया को हिला कर रख दिया है।
Instagram से सीधे हवालात तक – मामला क्या है?
संभल पुलिस को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि Instagram पर ‘Mehakpari143’ नाम की प्रोफाइल से लगातार अश्लील, आपत्तिजनक और समाज विरोधी वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। यह वीडियो न सिर्फ समाज की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे थे, बल्कि इनका नाबालिग और युवा दर्शकों पर गलत असर पड़ रहा था।
पुलिस ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और साइबर सेल के माध्यम से मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई साधारण सोशल मीडिया प्रोफाइल नहीं, बल्कि एक पूर्व नियोजित नेटवर्क था जो अश्लील कंटेंट बना कर उसे वायरल करने की रणनीति पर काम कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि यह पूरा गिरोह वीडियो बनाकर उसे ‘बोल्ड और भड़काऊ’ अंदाज में सोशल मीडिया पर डालता था, जिससे वह जल्दी वायरल हो सके और उन्हें व्यूज, लाइक्स और ब्रांड प्रमोशन के जरिए कमाई मिलती रहे।
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समाज पर असर: क्या संदेश जा रहा है?
Mehakpari143 जैसी सोशल मीडिया हस्तियों का असर सीधे तौर पर युवाओं पर पड़ता है। उनके बोल्ड और अश्लील वीडियो नाबालिग और किशोरों के मन पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इंटरनेट की आज़ादी का गलत इस्तेमाल कर ये इन्फ्लुएंसर फॉलोअर्स की संख्या और कमाई बढ़ाने के नाम पर समाज में गंदगी फैला रहे हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर अश्लीलता फैलाए। सोशल मीडिया की पहुंच गांव-गांव तक है, और ऐसे कंटेंट का गलत असर तेजी से फैलता है। एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि इन लोगों द्वारा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ये वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर वायरल किए जाते थे. उन्होंने खुलासा किया कि सोशल मीडिया अकाउंट पर अश्लील वीडियो अपलोड करके ये युवतियां इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए हर महीने व्यूअरशिप के आधार पर 30 से 35 हजार रुपये तक की कमाई करती थीं. इस पैसे को वे आपस में बांट लेते थे. एसपी ने कहा कि इसी इनकम के लालच में आकर वे इस तरह के कृत्यों को अंजाम दे रहे थे.
SP कृष्ण बिश्नोई की कड़ी चेतावनी: ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता असीमित नहीं’
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने Mehakpari143 जैसे सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए अश्लीलता फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है कि वह अपनी अभिव्यक्ति और अपनी बातें दुनिया के सामने रख सके, लेकिन यह असीमित नहीं है.’ उन्होंने ताकीद की कि अश्लीलता फैलाना समाज के अंदर लोकलाज और नैतिकता के खिलाफ है. इस तरह के कृत्यों पर रोक लगनी चाहिए. जो लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए या इंस्टाग्राम पर अश्लीलता फैलाते हैं, उन सभी से अनुरोध है कि वे इस तरह के काम न करें. पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी.
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी
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महक – मुख्य आरोपी, जो ‘Mehakpari143’ नाम की इंस्टाग्राम प्रोफाइल चला रही थी
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परी – महक की सहयोगी और वीडियो में नियमित तौर पर दिखाई देती थी
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हिना – अश्लील वीडियो शूटिंग में करती थी सहयोग
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जर्रार आलम – एडिटर, जो वीडियो को सोशल मीडिया के लायक एडिट करता था
पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। जर्रार के लैपटॉप और मोबाइल से कई अश्लील वीडियो और चैट्स भी जब्त किए गए हैं।
कानूनी धाराएं और सजा का प्रावधान
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 292, 294 (अश्लील सामग्री का प्रचार-प्रसार और सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें) और आईटी एक्ट की धारा 67A (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री का प्रसारण) के तहत मामला दर्ज किया है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों को 3 से 5 साल की जेल और भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। पुलिस ने उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की समीक्षा शुरू कर दी है और इन्हें बंद करवाने के लिए रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप इस कार्रवाई की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने इसे “सही समय पर उठाया गया कदम” बताया, तो कुछ ने पूछा – “कहीं और भी तो ऐसे ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ समाज को गंदा तो नहीं कर रहे?”
निष्कर्ष: सोशल मीडिया की आज़ादी का जिम्मेदार इस्तेमाल जरूरी
महक और उसकी टीम की गिरफ्तारी एक कड़ा संदेश देती है – सोशल मीडिया पर आज़ादी के नाम पर अश्लीलता, भड़काऊ कंटेंट और समाज को गलत दिशा में ले जाने वाली गतिविधियां कानून के दायरे से बाहर नहीं हैं। यह मामला न सिर्फ सोशल मीडिया कंटेंट पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि अभिभावकों, युवाओं और सरकार के लिए भी एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में क्या देखा और फैलाया जा रहा है, उस पर समय रहते नजर रखना अब जरूरी हो गया है।