Pahalgam Attack Update: जम्मू-कश्मीर के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, इस हमले में 28 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर टूरिस्ट शामिल हैं। मरने वालों में दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी हैं। यह घटना 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे बड़ा आतंकी अटैक मानी जा रही है।
पहलगाम हमले का सच: आतंकियों ने पर्यटकों से पूछे नाम, फिर मारी गोलियाँ! TRF ने ली जिम्मेदारी।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के विंग TRF (द रजिस्टेंस फ्रंट) ने ले ली है। हमलावर गोलीबारी के बाद फरार हो गए। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में 2 विदेशी आतंकी और 2 स्थानीय आतंकी शामिल थे। इस बीच, उरी में सेना ने सीमा पार से घुसने की कोशिश कर रहे 2 आतंकवादियों को मार गिराया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने पर्यटकों को गोली मारने से पहले उनके नाम पूछे और कलमा पढ़ने को कहा। उत्तर प्रदेश के शुभम द्विवेदी ने जब अपना नाम बताया, तो उनके सिर में गोली मार दी गई। मृतकों में UP, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटकों के अलावा नेपाल और UAE के एक-एक नागरिक और 2 स्थानीय लोग शामिल हैं।
देशभर में हाई अलर्ट! पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा कड़ी, PM मोदी ने कैंसिल किया दौरा”
पहलगाम हमले के बाद देश के कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में हुए इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के अपने दो दिन के दौरे को अचानक रद्द कर बुधवार सुबह भारत लौट आए हैं। अब वे सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कैबिनेट की हाई-लेवल बैठक करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के जवानों पर हुए आत्मघाती हमले के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी अटैक है। उस समय 40 जवान शहीद हुए थे और इसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
पहलगाम हमले का विरोध: अखबारों ने काले पन्नों से जताया गुस्सा! 28 लोगों की मौत पर देश स्तब्ध।
जम्मू-कश्मीर के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई। इस भीषण घटना के विरोध में कश्मीर के बड़े अखबारों ने बुधवार को अपने फ्रंट पेज को काले रंग में छापा। यह कदम हिंसा के खिलाफ एकता और दुख का ताकतवर संदेश देने के लिए उठाया गया।
देशभर में इस हमले की तीखी निंदा हुई है। लोगों ने सोशल मीडिया और सड़कों पर गुस्सा जताया। अखबारों ने भी अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी: हेडलाइन्स लाल या सफेद रंग में लिखी गईं, और पूरा पन्ना काला कर दिया गया। यह पहल कश्मीर में लंबे समय से चली आ रही हिंसा और दर्द को दिखाती है।