Rajdhani Delhi Bomb Blast News: मेट्रो स्टेशन के बाहर भयानक विस्फोट, चारों ओर तबाही. सोमवार शाम हुए भयंकर विस्फोट में 10 लोगों की मौत और 40 से अधिक घायल हुए हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस, एनआईए और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं ताकि पता लगाया जा सके कि यह बम ब्लास्ट था या तकनीकी विस्फोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक जताया और घायलों की सहायता के निर्देश दिए। राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियाँ हर पहलू की जांच कर रही हैं।
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 | रिपोर्ट: विशेष संवाददाता
भारत की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम उस वक्त दहल उठी जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही सेकंड में चारों ओर आग, धुआँ और चीख-पुकार मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस भयानक घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में कई की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
विस्फोट के बाद आसमान में उठते काले धुएँ के गुबार ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। घटनास्थल के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी है और आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ भी आग की लपटों में घिर गईं।
घटना का पूरा क्रम: शाम 6:52 बजे हुआ विस्फोट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुआ। उस वक्त लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक काफी था। चश्मदीदों ने बताया कि एक सफेद रंग की कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी थी। तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ जिसने आसपास के वाहनों और राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया।
धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कुछ ही पलों में आसपास की चार गाड़ियाँ आग की लपटों में घिर गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि धमाके के बाद ऐसा लगा मानो जमीन हिल गई हो। दुकानों के शीशे टूट गए और सड़कों पर भगदड़ मच गई।
दमकल की 12 गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
विस्फोट की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। दमकल की 12 गाड़ियों ने लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
फायर ब्रिगेड अधिकारी राजेश यादव ने बताया, “हमें शाम 7 बजे के करीब कॉल मिली। जब हमारी टीम पहुंची, तब कार पूरी तरह जल चुकी थी और आस-पास के वाहन भी आग की चपेट में थे। हमने तुरंत घायलों को निकालकर अस्पताल भेजा।”
घटना स्थल को तत्काल सील कर दिया गया है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन कर दिया है और मेट्रो स्टेशन को भी एहतियातन बंद रखा गया है।
मृतकों और घायलों की स्थिति
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त दीपक यादव के अनुसार, अब तक 10 मौतों की पुष्टि हुई है। घायलों को एलएनजेपी, राम मनोहर लोहिया और अरुणा आसफ अली अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों को गंभीर जलनें आई हैं जबकि कई लोगों को सिर और रीढ़ की हड्डी में चोटें आई हैं। घायलों में एक बच्चा और दो महिलाएँ भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस जांच: बम ब्लास्ट या तकनीकी विस्फोट?
विस्फोट की वजह का पता लगाने के लिए एनआईए, फॉरेंसिक टीम और डीएसटी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आतंकी हमला था या किसी तकनीकी खराबी के कारण कार में विस्फोट हुआ।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि यह बम ब्लास्ट था। हमें कोई ‘क्रेटर’ (गड्ढा) नहीं मिला, और घायलों के शरीर पर कोई ‘श्रेपनल इंजरी’ नहीं दिखी है। इससे लगता है कि यह संभवतः ईंधन से संबंधित विस्फोट भी हो सकता है। फिर भी, हम सभी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं।”
फॉरेंसिक टीम ने कार के मलबे और आसपास की मिट्टी के नमूने सील कर जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अफवाहें, पुलिस ने दी चेतावनी
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे और वीडियो फैलने लगे। कुछ पोस्ट्स में इसे आतंकी हमला बताया गया, जबकि कुछ ने कहा कि कार में गैस सिलेंडर फटा।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक चैनलों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि भ्रामक या उत्तेजक पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में हाई अलर्ट, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
विस्फोट के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। लाल किला, इंडिया गेट, संसद भवन, मेट्रो स्टेशन और प्रमुख बाजारों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
स्पेशल सेल और एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) की टीमें भी निगरानी में लगी हुई हैं। पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में ‘नकली कार बम ड्रिल्स’ शुरू कर दी हैं ताकि किसी और संभावित खतरे से निपटा जा सके।
मेट्रो और ट्रैफिक व्यवस्था पर असर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया है कि लाल किला और चांदनी चौक स्टेशन अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। वहीं, यमुना पार से आने वाले ट्रैफिक को दिल्ली गेट और आइएसबीटी मार्ग की ओर मोड़ दिया गया है।
यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और गूगल मैप या ट्रैफिक पुलिस के अपडेट देखकर ही रास्ता चुनें।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ: विपक्ष ने उठाए सवाल
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगी हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा,
“यह बेहद दुखद और डरावनी घटना है। हमारी सरकार हर संभव सहायता देने को तैयार है। पुलिस और केंद्र सरकार से अनुरोध है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।”
वहीं, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह की घटनाएँ सुरक्षा एजेंसियों की विफलता को दर्शाती हैं।
इसके जवाब में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस वक्त राजनीति करने का नहीं, बल्कि एकजुट होकर पीड़ित परिवारों की मदद करने का समय है।
लोगों की दहशत और मानवीय कहानियाँ
घटना स्थल के पास दुकान चलाने वाले रहीम खान ने बताया,
“मैं दुकान बंद करने ही वाला था कि जोरदार धमाका हुआ। मेरे कान सुन्न हो गए। जब होश आया तो सामने आग की दीवार खड़ी थी। कई लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।”
एक घायल युवक सौरभ मिश्रा, जो ऑटो से जा रहा था, ने कहा कि विस्फोट के बाद उसने अपने पैर जलते महसूस किए। “मैंने बस भागने की कोशिश की, लेकिन चारों ओर आग थी,” उसने कहा।
इन बयानों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयावह था।
NIA की प्रारंभिक रिपोर्ट और संदिग्ध लिंक
NIA के सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद में कुछ घंटे पहले 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुए थे। एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस Delhi Bomb Blast से उसका कोई संबंध तो नहीं।
हालांकि, अभी तक किसी भी terror outfit ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
साइबर टीम सोशल मीडिया और dark web पर भी संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है।
पिछली घटनाओं से समानता
दिल्ली में इससे पहले भी कई बार धमाके हो चुके हैं।
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2008 दिल्ली सीरियल ब्लास्ट्स में 26 लोग मारे गए थे।
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2011 दिल्ली हाईकोर्ट ब्लास्ट में 15 मौतें हुई थीं।
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2021 में इज़राइली दूतावास के पास भी एक छोटा विस्फोट हुआ था।
इस बार की घटना भी उसी इलाके के नज़दीक हुई है, जहाँ सुरक्षा सामान्यतः बेहद कड़ी रहती है। यही कारण है कि जांच एजेंसियाँ इसे “संभावित आतंकी मॉड्यूल” के तौर पर भी देख रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
भारत के इस हादसे पर कई देशों ने चिंता और संवेदना जताई है।
अमेरिकी दूतावास ने ट्वीट किया, “हम इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और भारत की जनता के साथ खड़े हैं।”
ब्रिटेन, फ्रांस और जापान ने भी जांच में सहयोग की पेशकश की है।
आगे की राह: सुरक्षा की नई चुनौती
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि दिल्ली जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में इतने बड़े विस्फोट की संभावना कैसे बनी?
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा में “अंदरूनी चूक” या “तकनीकी निगरानी की कमी” हो सकती है।
पूर्व आईबी अधिकारी अजित दाभी का कहना है,
“राजधानी में इतनी सुरक्षा के बावजूद अगर ऐसी घटना हो सकती है, तो यह हमारे इंटेलिजेंस नेटवर्क के लिए गंभीर चेतावनी है। हमें तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी होगी।”
नागरिकों के लिए अपील
पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आसपास के इलाकों में ड्रोन सर्विलांस चलाया जा रहा है, और बम डिटेक्शन स्क्वॉड नियमित जांच कर रहे हैं।
साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि किसी संदिग्ध वस्तु, बैग या वाहन की सूचना तुरंत 112 या नजदीकी थाने में दें।
निष्कर्ष
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ यह विस्फोट न केवल एक भयावह मानवीय त्रासदी है, बल्कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह घटना दुर्घटना थी या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा।
फिलहाल देश भर में शोक और चिंता का माहौल है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस रहस्य से पर्दा उठेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।